एक छात्र मुझसे गणित विषय पढ़ने आता है। वह बहुत ही बेमन से गणित के प्रश्न हल करता है। कुछ दिन पहले ही एक और छात्र गणित पढ़ने आने लगा। पहले ही दिन मैंने देखा कि प्रथम छात्र बहुत मन लगाकर गणित कर रहा है। दूसरे दिन देखा तो आते ही बहुत उत्साह के साथ उसने कहा कि जल्दी बताईये कौनसा सवाल हल करना है। केवल एक और साथी छात्र आने से ही उसके व्यवहार में इतना परिवर्तन आ गया था जो कि उसे उत्साह के साथ गणित करने के लिए प्रेरित कर रहा था।